Maharishi Mahesh Yogi Vedic Vishwavidyalaya
In-Charge
डॉ. नरेश कुमार तिवारी एक प्रख्यात वैज्ञानिक, उत्कृष्ट शिक्षाविद्, दूरदर्शी प्रशासक एवं तकनीकी विशेषज्ञ हैं। वर्तमान में वे महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, बिलासपुर (छत्तीसगढ़) के कुलपति के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें रिमोट सेंसिंग एवं सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विशिष्ट विशेषज्ञता प्राप्त है तथा वे 36 वर्षों से अधिक समय से शिक्षण, अनुसंधान एवं विकास के क्षेत्र में सक्रिय योगदान दे रहे हैं। अपने करियर के प्रारंभिक चरण में डॉ. तिवारी ने मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् (MPCST), भोपाल में वरिष्ठ वैज्ञानिक के रूप में महत्वपूर्ण सेवाएँ दीं। समाज सेवा एवं राष्ट्र निर्माण की भावना से प्रेरित होकर उन्होंने वर्ष 2008 में स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति ग्रहण की और शिक्षा क्षेत्र को अपनी कर्मभूमि बनाया। इसके पश्चात उन्होंने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अनेक संस्थानों को नई दिशा दी। वे सैम ग्लोबल यूनिवर्सिटी एवं मध्यांचल प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के कुलपति रह चुके हैं तथा बंसल एवं ओरिएंटल समूह के संस्थानों में निदेशक के रूप में भी उत्कृष्ट नेतृत्व प्रदान कर चुके हैं। डॉ. तिवारी का शैक्षणिक एवं साहित्यिक योगदान अत्यंत समृद्ध है। वे International Journal of Emerging Technology के Editor-in-Chief तथा International Journal of Pharmaceutical Science के सलाहकार हैं। हिंदी तकनीकी लेखन के क्षेत्र में उनका विशेष योगदान है। अब तक वे 30 से अधिक तकनीकी एवं शैक्षणिक पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। डॉ. तिवारी को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए 29 राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार एवं सम्मान प्राप्त हुए हैं। वर्ष 2016 में उन्हें मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा तकनीकी शिक्षा में उत्कृष्ट योगदान हेतु सम्मानित किया गया। वे एक कुशल वैज्ञानिक एवं सलाहकार के रूप में भी विख्यात हैं। उन्होंने मध्यप्रदेश शासन के विभिन्न विभागों एवं गैर-सरकारी संगठनों को आईटी परामर्श प्रदान किया तथा MPCST के अंतर्गत उद्योगों हेतु “Centre for Information Science and Technology” की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डॉ. तिवारी वर्ष 2008 से राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस (NCSC) के राज्य समन्वयक के रूप में कार्य कर रहे हैं तथा इसके प्रकाशनों के संपादक भी हैं। वे भारतीय रिमोट सेंसिंग सोसायटी (भोपाल चैप्टर) के सचिव (1996–2004), भारतीय जल विज्ञान संघ के सदस्य, राज्य संसाधन केंद्र (MP) के संचालन मंडल के सदस्य एवं ‘सृजन’ के महासचिव (2014 से) रह चुके हैं। डॉ. तिवारी के नेतृत्व में जिन संस्थानों का उन्होंने संचालन किया, वे “मध्यप्रदेश के सर्वश्रेष्ठ संस्थान” के रूप में सम्मानित हुए। उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने हेतु कई अभिनव पहलें लागू कीं, जैसे—रेफरेंस मैनुअल प्रणाली, ट्यूटर-गार्जियन योजना एवं प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग प्रणाली, जो विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में अत्यंत प्रभावी सिद्ध हुई हैं। डॉ. नरेश कुमार तिवारी का व्यक्तित्व विज्ञान, शिक्षा, शोध, समाजसेवा एवं राष्ट्र निर्माण के मूल्यों का अद्वितीय संगम है, जो नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।